Thursday, February 2, 2017

जीवन

जीवन एक सागर है
जिसकी गहराई की सिर्फ कल्पना ही की जा सकती हैं
नापने का कोई पैमाना नहीं
जानने का कोई मंत्र नहीं
हर कोई सिर्फ कोड़ी कल्पना ही कर सकता है
जीवन का पूरा सच क्या हैं?
यह कोई नहीं बता सकता
हम सब उस नाटक के पात्र हैं
जिसकी डोर सिर्फ और सिर्फ
उस प्रभु के हाथों में है
जिन्हें हम सब बस कल्पना में ही महसूस कर सकते हैं
जीवन हर पल को जी भर कर जी लेने का नाम है
जीवन चलना और सिर्फ चलते रहने का नाम है
जीवन सबको ख़ुशियाँ बाँटने का नाम है
जीवन सुख और दुःख का एक ऐसा दरिया हैं
जिसे हँस के गुजारों तो आसान 
नहीं तो पहाड़ 
लेकिन गुजारना तो है और 
यही जीवन का सत्य है!