Sunday, October 8, 2017

भाभी ननद संवाद

भउजी खोल दियउ गठरी अपन हे
अखन राखी के अयलै त्यौहार हे
ननदी मांगये नेग अपन हे
भउजी खोल दियउ गठरी अपन हे

भैया तकैत छथ मुहवा अहि के
कनि हँस दिऔ खुल के एखन हे
नेक देख लिए अपन अहा सब
भैया देलन ह कथी दिल खोल के

भउजी खोल दियउ गठरी अपन हे
अएलै साल भर पर राखी हमर हे
इंहा आबे ला कईली ह केतना जतन हे
जइबै ससुरा जखने तखन हे
सांस पूछ तन देखाबा त नेग अपन हे
भाई देलको ह नेग केहन हे

भउजी खोल दियउ गठरी अपन हे
सांसु खोलथिन जे गठरी हमर हे
खुश होइथिन नेग देखके हमर हे
भउजी होयत नाम अही के ऊपर हे
भउजी खोल दियउ गठरी अपन हे