Friday, September 8, 2017

जीवन दान

सामने डूबती सांसो का ऐसा मंजर था
ख्वाबो में सब अपना था
पर हकीकत में सब सपना था
चंद लम्हे कट जाए तो गनीमत हो
पर इस विकट  घडी में किसी ने अपना कहने की
हिम्मत जुटाया था तो वो थे
वो थे हमारी मुकिल की घडी में
हमारा साथ देने वाले वो भाई
कर्जदारों ने हमें अपना कहने का साहस जुटाया
बड़ी मुश्किल से खुदा से
हमारी जिन्दगी के लिए चंद लम्हे
देने की गुजारिश की
हुजुर बन्दे को कुछ वक्त दे दीजिये
और कुछ न सही
हमारा कर्जा ही उतार लेगा
जिंदगी ने इसे कुछ तो दिया नहीं
शायद मौत ही इसे अपना ले
पर आपसे विनती है सरकार
आप इतने निष्ठुर न बन जाइये
ये तो एक इमानदार आदमी है
घपलेबाजों पर आप तो कई बार तरस खातें है
इस पर एक बार की मेहरबानी तो दिखाइए
जिंदगी जीने में न सही
मरने में ही इसे अमरत्व दे दीजिये !!