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जीना सीखा

तील-तील जलकर जीना सीखा  अपनों से कुछ कहना सीखा  हँसना सीखा, रोना सीखा  हर गम को अब पीना सीखा  धूप - छाँव को सहना सीखा  नरम - गरम और ऊंच - नी...

सोमवार, 6 जनवरी 2025

बदलाव

जीवन के हर मोड़ पे देखो बदलाव है आता 

कभी ख़ुशी तो कभी गमो का दे उपहार वो जाता 

कभी धुप तो कभी छाँव है 

कभी बसंत का साया 

राहों में कंकड़ बिखरे है 

सरपट दौड़ रही है गाड़ी 

ठोकर खाने का खतरा है 

गिरकर उठना उठकर गिरना 

है जीवन की माया 

दुःख - सुख की यादे ही तो है 

जीवन की एक माला 

वक्त बदलता है हम सबको 

कभी वक्त को बदलो 

फिर देखो जीवन में कितना 

सुखद - सुकून है आता। 

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