मेरे बच्चों पढ़ते जाओ
आगे -आगे बढ़ते जाओ
विद्या का वरदान मिलेगा
गुरु से विद्या दान मिलेगा
कदम - कदम पर साथ मिलेगा
गुरु का सर पर हाथ मिलेगा
आसमान पर चढ़ते जाओ
आगे -आगे बढ़ते जाओ
खुशियों का संसार बसाओ
मेरे बच्चों पढ़ते जाओ
आगे -आगे बढ़ते जाओ।
तील-तील जलकर जीना सीखा अपनों से कुछ कहना सीखा हँसना सीखा, रोना सीखा हर गम को अब पीना सीखा धूप - छाँव को सहना सीखा नरम - गरम और ऊंच - नी...
मेरे बच्चों पढ़ते जाओ
आगे -आगे बढ़ते जाओ
विद्या का वरदान मिलेगा
गुरु से विद्या दान मिलेगा
कदम - कदम पर साथ मिलेगा
गुरु का सर पर हाथ मिलेगा
आसमान पर चढ़ते जाओ
आगे -आगे बढ़ते जाओ
खुशियों का संसार बसाओ
मेरे बच्चों पढ़ते जाओ
आगे -आगे बढ़ते जाओ।
हमको बुलाये ए हरियाली
ए पहाड़ के आँचल
हमको छूकर जाये, बार-बार ये बादल
कभी दूर तो कभी पास ए
करते रहे ठिठोली
भोर - सांझ ये आते जाते
होठों पर खुशियाँ दे जाते
दिन ढलते ही झम - झम करके
खूब बरसते है ये बादल
गड़ - गड़ करके झड़ - झड़ करके
धाराएँ बहती जाती है
देख - देख हम खुश होते है
यहां का मौसम कितना प्यारा
पर पहाड़ के वासिंदों को
होती बहुत कठिनाई इससे।