मेरी कविता, मेरी अभिव्यक्ति
तील-तील जलकर जीना सीखा अपनों से कुछ कहना सीखा हँसना सीखा, रोना सीखा हर गम को अब पीना सीखा धूप - छाँव को सहना सीखा नरम - गरम और ऊंच - नी...
मेरे बच्चों पढ़ते जाओ
आगे -आगे बढ़ते जाओ
विद्या का वरदान मिलेगा
गुरु से विद्या दान मिलेगा
कदम - कदम पर साथ मिलेगा
गुरु का सर पर हाथ मिलेगा
आसमान पर चढ़ते जाओ
खुशियों का संसार बसाओ
आगे -आगे बढ़ते जाओ।
सुन्दर सृजन
धन्यवाद
सुन्दर सृजन
जवाब देंहटाएंधन्यवाद
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