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पहेली

मैं हमेशा एक पहेली थी  अब भी हूँ आगे भी रहूंगी  मुश्किल है समझ पाना मुझे  जो भी मिला उसके साथ हो लिए  जो छूट गया पीछे उस पर रोये नहीं कभी  ज...

गुरुवार, 23 अप्रैल 2026

पहेली

मैं हमेशा एक पहेली थी 

अब भी हूँ आगे भी रहूंगी 

मुश्किल है समझ पाना मुझे 

जो भी मिला उसके साथ हो लिए 

जो छूट गया पीछे उस पर रोये नहीं कभी 

जिसने अपना बनाया 

उसके पल में हो लिये 

पर जिसने भी नज़रअंदाज़ किया 

झट मुँह फेर के मुस्कुरा के चल दिए 

ऐसा न था कि हमें दर्द न था 

उनके खोने का 

पर उससे ज़्यादा कही 

फ़क्र था अपने आप पर 

जो समझ में आया नहीं 

उस पर वक्त क्यों बर्बाद करे 

जिसको कदर है नहीं प्यार की 

उनके लिए हम अपने आँसूं 

क्यों ही जाया करे। 

रविवार, 19 अप्रैल 2026

ध्रुवतारा

मैं अलबेली एक अकेली 

ध्रुवतारा सा चमचम करती 

शाम झुण्ड में सुबह अकेली 

हरदम सबको राह दिखाती 

ध्रुवतारा है नाम हमारा 

समय - समय पर मैं दुनिया का 

समय बोध का ज्ञान कराती 

रात सुलाना सुबह जगाना 

रहा निरंतर काम हमारा 

कभी कोई भी देर न होता 

ना मैं ची-ची चूं-चूं करती 

पर अब देखो घर-घर में 

घड़ियों का है बोल-बाला 

फिर भी है सब देर-सवेर 

भागम-भागी गुत्थम-गुत्था 

दिनचर्या सबकी है लेट। 

रविवार, 12 अप्रैल 2026

मेरे आँगन में

रोज़ सवेरे मेरे आँगन 

चिंटू - मिंटू, चिंकी - मिन्की 

ढेरो बच्चे आते है 


उछल - कूद कर हमें हँसाते 

प्यार से मेरी गोदी में आते 

अपनी मीठी तुलतुलाती सी 

नए - नए शब्दों से मुझको  

अपनी बात बताते है 


थोड़ा रोना, थोड़ा हंसना 

पूरी मस्ती करते है 

हँसी ख़ुशी जब घर वो जाते 

बाय - बाए जब करते है 

उनके चेहरे की खुशियों से 

अपना दिन बन जाता है 


सोच - सोच मैं इनकी बाते 

इतनी खुश हो जाती हूँ 

अपनी मुश्किल भूल हमेशा 

इनके संग हो लेती हूँ 


इनके बचपन के संग - संग में 

अपना बचपन जी लेती हूँ 

मेरे आँगन हर दिन आये 

ऐसे ही बचपन का झोंका 

जिनमे झूम के मैं गाऊँ 

हर दिन खुशियों से भर जाऊँ । 

गुरुवार, 26 मार्च 2026

कठिनाई

सच कहूं ज़िन्दगी आसान नहीं होती 

हर पल लड़कर तूफ़ान से 

जब चेहरे पर मुस्कान आती है 

वो सौ तूफानों से लड़ने की 

और ताकत दे जाती है 


हमने तो ज़िन्दगी को बड़े करीब से देखा है 

हर मुश्किल को लड़कर जीता है 

हर मुश्किल से एक नया सबक सीखा 

आज ऐसा लगता है कि 

अगर ये मुश्किलें न होती तो 

शायद इतनी खूबसूरत मुस्कान भी न होती 


शायद इतना दिल में प्यार भी न होता 

हर किसी से जुड़ जाऊँ एहसास भी न होता 

सबकी उलझन को पल में सुलझाऊँ 

झट से सबकी दोस्त बनजाउं 

ये सब उन मुश्किलों ने ही सिखाया है 

मुश्किल न हो तो जीने का मज़ा ही नहीं है। 

बुधवार, 25 मार्च 2026

आओ पेड़ लगाए

आओ बच्चों पेड़ लगाए 

एक जादू तुमको दिखलाये 

डालो बीज पेड़ बनेगा 

हरा - भरा यह बाग़ बनेगा 

जब तुम इसको देखोगे 

हंसी - ख़ुशी तुम गाओगे 

पेड़ को दोस्त बनाओगे 

पानी डाल ख़ुशी से इनको 

इनपर खुशियां बरसाओगे 

धरती को कटने से बचाओगे 

आओ बच्चों पेड़ लगाए।