मेरी कविता, मेरी अभिव्यक्ति
सच्ची बात बताता हूँ आज तुम्हे समझाता हूँ हर पल खुशियों को चाहो गम को पास न आने दो जीत हमेशा पाओगे भय को जीत जो जाओगे गर्व सदा खुद पर र...
आओ बच्चों पेड़ लगाए
एक जादू तुमको दिखलाये
डालो बीज पेड़ बनेगा
हरा - भरा यह बाग़ बनेगा
जब तुम इसको देखोगे
हंसी - ख़ुशी तुम गाओगे
पेड़ को दोस्त बनाओगे
पानी डाल ख़ुशी से इनको
इनपर खुशियां बरसाओगे
धरती को कटने से बचाओगे
आओ बच्चों पेड़ लगाए।