सच्ची बात बताता हूँ
आज तुम्हे समझाता हूँ
हर पल खुशियों को चाहो
गम को पास न आने दो
जीत हमेशा पाओगे
भय को जीत जो जाओगे
गर्व सदा खुद पर रखना
हर मुश्किल से डटकर लड़ना
अपनी राह बनाना खुद ही
कभी किसी की राह न रोको
अपनी राह में ताकत झोंको
जीत मिलेगी ख़ुशी मिलेगी
शान्ति और सुकून भी होगा
काटम - काटी ताका - झांकी
सब सस्ते हथकंडे है
मंज़िल कभी न बनती इनसे
मन में हरदम धुक - धुक रहती
परछाई से भी डर लगता।
आपकी लिखी रचना "पांच लिंकों के आनन्द में गुरुवार 25 जून, 2026 को लिंक की जाएगी .... http://halchalwith5links.blogspot.in पर आप भी आइएगा ... धन्यवाद!
जवाब देंहटाएंबेहतरीन पंक्तियाँ
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