यह ब्लॉग खोजें

Translate

विशिष्ट पोस्ट

बारिश की बूंदे

एक दिन बारिश की बूंदो को टपकते हुए देखा  टपकते ही आपस में मिलते हुए देखा  न उन्हें टूट जाने का गम था  न उन्हें बादल से बिछड़ जाने का गम था  ब...

सोमवार, 17 अगस्त 2026

बारिश की बूंदे

एक दिन बारिश की बूंदो को टपकते हुए देखा 

टपकते ही आपस में मिलते हुए देखा 

न उन्हें टूट जाने का गम था 

न उन्हें बादल से बिछड़ जाने का गम था 

बच्चों की किलकारी और हंसी में 

उन्हें भी मज़ा आ रहा था 

सब ओर ख़ुशी-ख़ुशी थी 

बच्चे उछल-उछल कर खुश थे 

पानी उनपर बिखर-बिखर के खुश था।