जबतक रहेगी ए ज़िंदगी
शिकायतों का दौर भी रहेगा
किसी से प्यार तो किसी की नाराज़गी भी मिलेगी
कोई आएगा करीब
तो कोई मुँह फुला कर दूर चला जाएगा
किसी से संबंध बनेंगे अंतर्मन से
तो कुछ संबंध बिगड़ेंगे भी
किसी से प्यार का सैलाब मिलेगा
तो कुछ पीठ पीछे शिकायत भी करेंगे
कही अपनों से दूराव मिलेगा
तो कभी गैरों से भी अपनों सा प्यार मिलेगा
यूँही कर्मपथ पर चलते रहेंगे
अपने भावों को शुद्धता से भरते रहेंगे
कुछ खट्टे तो कुछ मीठे अनुभवों से
अपनी ऊर्जा यूँ ही संजोते रहेंगे।