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कठिन वक्त है  कठिन घड़ी है  कठिन राह पर चलकर हमको  मंज़िल अपनी पानी है  अपनी अदा जो उत्तम हो  वह करके दिखलाना है कुछ लोगो से सिख सके तो  कुछ उ...

रविवार, 28 जून 2026

शिक्षक दिवस

आओ मेरे प्यारे बच्चों 

सब मिलकर कुछ गाते है 

हंसी - ख़ुशी से गाते - गाते 

नया आज भी कुछ करते है 


शिक्षक दिवस के इस पावन दिन 

ज्ञान की ज्योति जलाते है 

गुरु शिष्य के पावन रिश्ते 

नए - नए आयाम गढ़ेंगे 


आओ मेरे प्यारे बच्चों 

सब मिलकर कुछ गाते है 

यह पावन दिन है हम सबका 

मिलकर हम सब गाते है। 

शुक्रवार, 26 जून 2026

खो गयी बिटिया

कहाँ गया बिटिया का वो रूप 
जब बिटिया अपने माँ-बाप के लिए 
अपनी खुशियां भी छोड़ देती थी 
अपनी माँ के लिए हमेशा पहले सोचती थी 
शादी के बाद पति की ख़ुशी ही उसका सब कुछ होता था 
ससुराल की मर्यादा ही अपना धर्म समझती थी 
ममता इतनी की कभी कम नहीं पड़ती थी 
अपनी आंसुओं को ऐसे छुपाती 
जैसे पहले कभी रोया ही न हो 
माँ के रूप में अपने बच्चे के लिए 
अपनी परवाह कभी नहीं करती 
कहाँ गयी वो बेटियाँ जो संसार का सूत्र थी 
अब तो हमेशा जान लेने की बात करती है 
पहले सबकी खुशियों पर न्योछावर होने की बात करती थी 
अब पुरे घर की खुशियाँ पलभर में छीन लेती है 
न पिता के इज़्ज़त की परवाह है 
और ना ही माँ की ममता की। 

बुधवार, 24 जून 2026

हिंदी

 ये हिंदी ये हिंदी 

है भारत माँ की बिंदी 

ये हिंदी ये हिंदी 

अपनी खुशियों की कुंजी 

ये हिंदी ये हिंदी 

हर दिल में बस्ती हिंदी 

है प्यार की भाषा हिंदी 

जज़्बात सिखाती हिंदी 

है राह दिखाती हिंदी

हमको है भाती हिंदी

अपनी मर्यादा हिंदी 

है जान से प्यारी हिंदी 

ये भारत माँ की बिंदी। 

सोमवार, 22 जून 2026

सच्चाई

सच्ची बात बताता हूँ 

आज तुम्हे समझाता हूँ 

हर पल खुशियों को चाहो 

गम को पास न आने दो 

जीत हमेशा पाओगे 

भय को जीत जो जाओगे 

गर्व सदा खुद पर रखना 

हर मुश्किल से डटकर लड़ना 

अपनी राह बनाना खुद ही 

कभी किसी की राह न रोको 

अपनी राह में ताकत झोंको 

जीत मिलेगी ख़ुशी मिलेगी 

शान्ति और सुकून भी होगा 

काटम - काटी ताका - झांकी 

सब सस्ते हथकंडे है 

मंज़िल कभी न बनती इनसे 

मन में हरदम धुक - धुक रहती 

परछाई से भी डर लगता। 

रविवार, 21 जून 2026

ज़िन्दगी

जबतक रहेगी ए ज़िंदगी

शिकायतों का दौर भी रहेगा 

किसी से प्यार तो किसी की नाराज़गी भी मिलेगी 

कोई आएगा करीब 

तो कोई मुँह फुला कर दूर चला जाएगा 

किसी से संबंध बनेंगे अंतर्मन से 

तो कुछ संबंध बिगड़ेंगे भी 

किसी से प्यार का सैलाब मिलेगा 

तो कुछ पीठ पीछे शिकायत भी करेंगे 

कही अपनों से दूराव मिलेगा 

तो कभी गैरों से भी अपनों सा प्यार मिलेगा 

यूँही कर्मपथ पर चलते रहेंगे 

अपने भावों को शुद्धता से भरते रहेंगे 

कुछ खट्टे तो कुछ मीठे अनुभवों से 

अपनी ऊर्जा यूँ ही संजोते रहेंगे।