मेरी कविता, मेरी अभिव्यक्ति
यूँ ही प्यार जताना बच्चो मेरे संग आ जाना बच्चो हँस - हँस कर दिखलाना बच्चों घूम फिरकर हंसी - ठिठोली मुझसे तुम कर जाना बच्चो नन्हे-नन्हे ...
आओ बच्चों पेड़ लगाए
एक जादू तुमको दिखलाये
डालो बीज पेड़ बनेगा
हरा - भरा यह बाग़ बनेगा
जब तुम इसको देखोगे
हंसी - ख़ुशी तुम गाओगे
पेड़ को दोस्त बनाओगे
पानी डाल ख़ुशी से इनको
इनपर खुशियां बरसाओगे
धरती को कटने से बचाओगे
आओ बच्चों पेड़ लगाए।