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प्यारे बच्चो

यूँ ही प्यार जताना बच्चो  मेरे संग आ जाना बच्चो  हँस - हँस कर दिखलाना बच्चों  घूम फिरकर हंसी - ठिठोली  मुझसे तुम कर जाना बच्चो  नन्हे-नन्हे ...

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गुरुवार, 23 अप्रैल 2026

पहेली

मैं हमेशा एक पहेली थी 

अब भी हूँ आगे भी रहूंगी 

मुश्किल है समझ पाना मुझे 

जो भी मिला उसके साथ हो लिए 

जो छूट गया पीछे उस पर रोये नहीं कभी 

जिसने अपना बनाया 

उसके पल में हो लिये 

पर जिसने भी नज़रअंदाज़ किया 

झट मुँह फेर के मुस्कुरा के चल दिए 

ऐसा न था कि हमें दर्द न था 

उनके खोने का 

पर उससे ज़्यादा कही 

फ़क्र था अपने आप पर 

जो समझ में आया नहीं 

उस पर वक्त क्यों बर्बाद करे 

जिसको कदर है नहीं प्यार की 

उनके लिए हम अपने आँसूं 

क्यों ही जाया करे। 

रविवार, 18 फ़रवरी 2024

बसंत

देखो बसंत आया है 

सबके मन को भाया है 

चारो ओर रंग-बिरंगे फूल खिले है 

मौसम भी सुहाना है 

मन मुस्कुरा रहा है 

तन झूमने को करता 

रंग-बिरंगे गुलाल लेकर 

बच्चे इधर-उधर है डोले 

कभी किसी के सर पर डाले 

तो कभी किसी को बाँहों में भर ले

आया बसंत आया 

सबके मन को भाया। 

बुधवार, 20 दिसंबर 2023

मेरे सपने

मेरे सपने आज भी कुछ इस कदर सहमे हुए है 

चाहकर भी मुस्कुरा पाऊँ ना मैं 

हर दिन ख़ुशी की चाह में आँखे हमारी नम हुई 

बंद आँखों में भी सपने कभी ना तैरने 

खोलकर आँखों को कैसे स्वप्न में विचान करूँ 


मेरे सपने आज भी कुछ इस कदर सहमे हुए है 

भोर से मायूसियो ने ढक लिया ऐसे मुझे 

शाम ढलकर भी न कोई ख्वाहिशें जागी मेरी 

पुरे दिन बोझिल थी आँखें आँसुओं के खोज में 


मेरे सपने आज भी कुछ इस कदर सहमे हुए है 

चाँद तारों की चमक भी आँख में चुभ सी रही।