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मैं आपको हर्ष के साथ सूचित कर रही हूँ कि मेरी प्रथम कविता संग्रह "मेरी भावना" के नाम से Google Play Books पर और अन्य दो संग्रह &qu...

बुधवार, 9 मार्च 2022

पंख लगा दो

मुझको कोई पंख लगा दो
मैं उड़  जाऊ दूर गगन में 
घूम फिर खुशियों की झोली 
मैं भरकर सब साथ ले आऊ 

देखो चंचल हवा सलोना 
चिड़िया कलरव करती प्यारी 
दूर गगन में सूरज दादा 
मंद-मंद मुस्काते रहते 

देखो पार्क में झूलते बच्चे 
दादा-दादी घूम रहे हैं 
माताएं बैठी मुस्काती 
सपनों को  है पंख लगाती 

अलग अलग टोली में देखो 
अलग अलग चेहरों के रंग 
कोई झूम रहा खुशियों में 
कोई बैठा मौन साध कर 


 

8 टिप्‍पणियां:

  1. आपकी इस प्रस्तुति का लिंक 10.03.22 को चर्चा मंच पर चर्चा - 4365 दिया जाएगा| चर्चा मंच पर आपकी उपस्थिति सभी चर्चाकारों की हौसला अफजाई करेगी
    धन्यवाद
    दिलबाग

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  2. आपकी लिखी रचना ब्लॉग "पांच लिंकों का आनन्द" पर गुरुवार 10 मार्च 2022 को लिंक की जाएगी ....

    http://halchalwith5links.blogspot.in
    पर आप सादर आमंत्रित हैं, ज़रूर आइएगा... धन्यवाद!

    !

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  3. सुंदर,सरल भावाव्यक्ति।
    सादर।

    जवाब देंहटाएं
    उत्तर
    1. मेरा हौसला बढ़ाने के लिए आपका दिल से आभार

      हटाएं