Friday, October 13, 2017

हमराज

ऐ मेरे हमराज बताना
दिल के कोई साज सुनाना
विरह-मिलन का राज़ बताना
अपना ये अंदाज़ बताना

ऐ मेरे हमराज बताना
दिल के कोई साज सुनाना
दिल की धड़कन को सुनकर के
साथी का मिजाज़ बताना

ऐ मेरे हमराज बताना
दिल के कोई साज सुनाना
जीवन नैया के डगमग से
सुर का नया कोई साज बनाना

ऐ मेरे हमराज बताना
दिल के कोई साज सुनाना
जीवन के उलझन में अपनी
दिल का कोई तान सुनाना

ऐ मेरे हमराज बताना
दिल के कोई साज सुनाना
कोमल मन निष्ठुर जीवन है
राह कठिन को सुगम बनाना
साथी का तुम साथ निभाना

ऐ मेरे हमराज बताना
दिल के कोई साज सुनाना
जीवन के संकल्प में अपने
हाथों से रंग भरकर जाना

रंग बिरंगी रंगोली सी
दीये की सी पावनता हो
चंदा सा हो सरल मधुर जो
सूरज सा हो तेज जहाँ पर
अपना घर तुम वही बनाना
ऐ मेरे हमराज बताना
दिल के कोई साज सुनाना
जीवन को संगीत बनाना!!

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