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शुक्रवार, 14 सितंबर 2018

अवलोकन

जीवन पथ है, ढुलमुल रथ है
पथ पर कंकड़ ढेर मिलेंगे
जीवन पर्याप्त वहन करना
बस मंद गति चलते रहना
खाना-पीना-सोना-जगना
जल-सा चंचल बहते रहना

जीवन पथ है, ढुलमुल रथ है
कांच-सा कोमल तन-मन मेरा 
ठोकर की भरमार यहाँ है 
प्रेम-द्वेष और विरह मिलन का 
संगम हैं संसार ये मेरा 

जीवन पथ है, ढुलमुल रथ है 
धुप-छांव से आते जाते 
सुख-दुःख का संगम जीवन है 
आपा-धापी होड़ लगी है 
सबको पीछे छोड़ चले हम 
नियति की गति तोड़ चले हम
खुद से खुद को भूल चले हम.

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