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प्रियतम

हे प्रियतम तुम रूठी क्यों  है कठिन बहुत पीड़ा सहना  इस कठिन घड़ी से जो गुज़रा  निःशब्द अश्रु धारा बनकर  मन की पीड़ा बह निकली तब  है शब्द कहाँ कु...

गुरुवार, 1 फ़रवरी 2024

गणतंत्र दिवस

गणतंत्र दिवस है आया 

हम सबकी खुशियां लाया 

वीरों पे फक्र हो आया 

वीरों ने देश बचाया 

अपनी क़ुरबानी देकर 

और हर ओर विजय लहराया 

संविधान हमारा बनकर के 

इस दिन को हमें मिला था 

इस पावन दिन को तब से 

हर वर्ष मनाते है हम 

इस पावन पर्व पर खुशियाँ।

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