मेरी कविता, मेरी अभिव्यक्ति
यूँ ही प्यार जताना बच्चो मेरे संग आ जाना बच्चो हँस - हँस कर दिखलाना बच्चों घूम फिरकर हंसी - ठिठोली मुझसे तुम कर जाना बच्चो नन्हे-नन्हे ...
गणतंत्र दिवस है आया
हम सबकी खुशियां लाया
वीरों पे फक्र हो आया
वीरों ने देश बचाया
अपनी क़ुरबानी देकर
और हर ओर विजय लहराया
संविधान हमारा बनकर के
इस दिन को हमें मिला था
इस पावन दिन को तब से
हर वर्ष मनाते है हम
इस पावन पर्व पर खुशियाँ।