मेरी कविता, मेरी अभिव्यक्ति
सच्ची बात बताता हूँ आज तुम्हे समझाता हूँ हर पल खुशियों को चाहो गम को पास न आने दो जीत हमेशा पाओगे भय को जीत जो जाओगे गर्व सदा खुद पर र...
रोज़ सपने में आओ
शगुन दे के जाओ
साथ खुशियाँ मनाओ
हर्ष में गीत गाओ
लहरों पे झूम जाओ
कभी रूठ जाओ कभी फिर मनाओ
मेरे स्वप्न में रोज़ ऐसे ही आओ
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