दर्द लिखू या गीत लिखूं मै
मित बता क्या रित लिखूं मै
सुबह - शाम की प्रीत लिखूं या
तेरे विरह की गीत लिखूं मै
दोपहरी की धुप लिखूं या
रात की सुनी - सुनी बगिया
अपने दिल के गीत लिखूं मैं
आज बता मैं विरह लिखूं मैं
अपनी -तेरी प्रीत लिखूं मैं
खट्टे - मीठे गीत लिखूं या
कोई नया संगीत लिखूं मैं
तेरे संग की प्रीत लिखूं या
उलझन के कुछ गीत लिखूं
मित बता क्या रित लिखूं मै
दर्द लिखू या गीत लिखूं मै।
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