यह ब्लॉग खोजें

Translate

विशिष्ट पोस्ट

स्वयं

कठिन वक्त है  कठिन घड़ी है  कठिन राह पर चलकर हमको  मंज़िल अपनी पानी है  अपनी अदा जो उत्तम हो  वह करके दिखलाना है कुछ लोगो से सिख सके तो  कुछ उ...

शनिवार, 23 जनवरी 2021

बिल्ली मौसी

चुहिया बोली बिल्ली मौसी
क्यों तुम मुझको रोज डराती

तुम हो सबकी प्यारी मौसी 
फिर क्यों मुझको आँख दिखाती 

बन जाओ मेरी मौसी भी 
दोनों मिलकर मज़े करेंगे 

बैठ रसोई में हम दोनों 
दूध  मिठाई  फल को चखेंगे 

हम दोनों की जोड़ी मिलकर 
रोज नए कुछ काम करेंगे।  

4 टिप्‍पणियां: