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प्यारे बच्चो

यूँ ही प्यार जताना बच्चो  मेरे संग आ जाना बच्चो  हँस - हँस कर दिखलाना बच्चों  घूम फिरकर हंसी - ठिठोली  मुझसे तुम कर जाना बच्चो  नन्हे-नन्हे ...

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गुरुवार, 18 जनवरी 2024

धुंध

कड़ाके की ठंड थी 

आसमान धुआँ-धुआँ सा था 

दिन में भी अँधेरा था 

आग के इर्द-गिर्द सबका लगा डेरा था 

मूंगफली के दाने थे 

नानी की चटपटी कहानी थी 

वो दिन भी कितने सुहाने थे 

न घर चलाने का कोई बोझ था 

सब कुछ सुहाना-सुहाना सा था।