बढे चलो बढे चलो
दूर नहीं है मंज़िल
कुछ ख़ास नहीं है मुश्किल
राह पथरीले ज़रूर है
पर इतनी भी मुश्किल नहीं
सफर आसान हो जायेगा
जब चेहरे पर मुस्कान आएगा
अपने में हौसला रखना सीख लो
बढे चलो रास्ता मुश्किल ही सही
मंज़िल तक जाती तो है
सपनो में रंग भरना है तो
संभलकर चलना ही पड़ेगा
मुश्किलें आसान हो जाती है
जब इरादे पक्के हो।