यह ब्लॉग खोजें

Translate

विशिष्ट पोस्ट

स्वयं

कठिन वक्त है  कठिन घड़ी है  कठिन राह पर चलकर हमको  मंज़िल अपनी पानी है  अपनी अदा जो उत्तम हो  वह करके दिखलाना है कुछ लोगो से सिख सके तो  कुछ उ...

शनिवार, 19 सितंबर 2020

जुगाड़ की जिंदगी

जुगति भइल जुगति फल पइली
कहाँ - कहाँ हम जुगत लगइली
सबके सुनी-सुनी मन में रखली 
मन ही मन आँसू टपकईली

कहाँ - कहाँ हम जुगत लगइली 
कदम -कदम पर पइली परीक्षा 
नाता -रिस्ता सबहुँ गबईलि 
पर मर्यादा सब हम निबहलि

कहाँ - कहाँ हम जुगत लगइली 
बाल -बच्चा के कर्म सिकईली 
कभी थक के मन थोड़ा ठण्ढईली 
फिर उत्साह से कदम बढ़ईली 

कहाँ - कहाँ हम जुगत लगइली 
धीरे -धीरे कदम बढ़ईली 
हर दिक्क्त से पार उपरली 
अपन घर परिवार बचइली 
कहाँ - कहाँ हम जुगत लगइली।

2 टिप्‍पणियां: