मेरी कविता, मेरी अभिव्यक्ति
हे प्रियतम तुम रूठी क्यों है कठिन बहुत पीड़ा सहना इस कठिन घड़ी से जो गुज़रा निःशब्द अश्रु धारा बनकर मन की पीड़ा बह निकली तब है शब्द कहाँ कु...
सब फूलों में सुन्दर फूल
फूल गुलाब है सुन्दर फूल
लाल-पीला काला-नीला
हर रंगों में मिले ये फूल
बिछड़ों को भी खूब मिलाये
रूठों को भी दोस्त बनाये
उदास चेहरे पर ख़ुशी लाये।
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