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जीना सीखा

तील-तील जलकर जीना सीखा  अपनों से कुछ कहना सीखा  हँसना सीखा, रोना सीखा  हर गम को अब पीना सीखा  धूप - छाँव को सहना सीखा  नरम - गरम और ऊंच - नी...

मंगलवार, 17 नवंबर 2020

वीर जवान

मेरी आन बान शान है तू
मेरे तिरंगे की पहचान है तू
रुके न तू थके न तू 
झुके न तू थमे न तू 
मेरे देश का अरमान है तू 

तेरे क़दमों में निशार सारी दुनिया 
मेरे हर जज्बात की पहचान है तू 
हर घर में जले दिया बनकर तू 
हर दिल में बसे  बनकर शहीद 

मेरी आन बान शान है तू 
मेरे तिरंगे की पहचान है तू
दुनिया सैनिक कहती है तुझे 
पर मेरे दिल में तो तू 
मेरे हर धरकन का एहसास है तू। 

12 टिप्‍पणियां:

  1. आपकी लिखी रचना ब्लॉग "पांच लिंकों का आनन्द" पर गुरुवार 19 नवंबर 2020 को साझा की गयी है.... पाँच लिंकों का आनन्द पर आप भी आइएगा....धन्यवाद!

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  2. इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.

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