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जीना सीखा

तील-तील जलकर जीना सीखा  अपनों से कुछ कहना सीखा  हँसना सीखा, रोना सीखा  हर गम को अब पीना सीखा  धूप - छाँव को सहना सीखा  नरम - गरम और ऊंच - नी...

गुरुवार, 30 मार्च 2017

पापा

यह छोटा सा शब्द
क्षितिज से भी बड़ा है
हैं पापा जिसका नाम
कंधो पे पूरे परिवार
की जिम्मेदारी
और आँखों में उनके लिए
ढेरों हैं सपने
चेहरे पे हमेशा बच्चो के लिए
हंसी ही होती हैं
बच्चों की हर परेशानी को
हंसकर उठाते हैं
जिनका पूरा संसार
अपने बच्चों में समाया हैं
बच्चों के ही सुख में हमेशा
अपना सुख पाया हैं
अपनी हर सांस को पापा
बच्चों पर लुटाते हैं
कभी कठोर तो कभी
मोम बन जाते हैं
अपनी भूमिका हर रूप में निभाते हैं पापा
अपने बच्चों को हौसले का पाठ पढ़ाते हैं पापा
जिनकी वजह से हर बच्चे की
दुनिया जगमगाती हैं
उस शख्स का नाम हैं पापा
पहली बार धरती पर कदम रखने से लेकर
जीवन की कठिनाईयों तक सफ़र तय करने में
हर यादगार पल निभाते हैं पापा
जिनकी याद हमेशा मन को खुश कर देती हैं
बच्चों के जीवन का वह एहसास है पापा!!

बुधवार, 29 मार्च 2017

घर-आँगन

अपना तो हैं बस एक सपना
बस घर हो अपना-सा एक
जिसके चहुँ ओर हवाएं हो
हवाओं में फूलों की खुशबू
घर से बाहर तक फैली हो
सब कुछ हो साफ-सुथरा
फूल के बागीचे में
तितलिओं की बाहार हो
रंग-बिरंगे फूलों से
घर-आँगन हो महकता मेरा
सूर्योदय की पहली किरण के साथ
ज़िन्दगी मुस्कुराती हो आँगन में ऐसे
जैसे दुनिया की हर चीज़ पालि हो हमने
घर की दीवारे भी मुस्कुरा कर
कुछ कहना चाहती हैं
वह अपनी शीतलता भी
हम पर लुटाना चाहती हैं
हमे अपने छाव में बिठाना चाहती हैं
घर का सुख हैं उसमें रहनेवालों की शान्ति से
उनके बीच बंधी प्यार के डोर से
घर हो अपना तो बस ऐसा हो
आओ मिलकर के हम घर को मंदिर बनाए

जहां प्रेम और करुना की सागर बहाएं!!

मंगलवार, 28 मार्च 2017

बाबा

बाबा के दरबार से कोई जाता नहीं हैं खाली
बाबा को जब भक्त पुकारे बाबा रुक नहीं पाते
तेरी महिमा अपरम्पार हैं बाबा पार लगाओ
हम मझधार में अटके पड़े हैं मुझको राह दिखाओ
बाबा दर्शन दे दो हमको नैया पार लगा दो
सारी दुनिया ठोकर मारे अब तो तुम अपना लो
प्रभु जी मेरे दर्शन दे दो साईं
बाबा मेरे देर न करना सब्र हमारा टूट रहा हैं 
पर न हम ये चाहे
सारी दुनिया छोड़ दे हमको
पर तेरा ये हाथ न छुटे
तेरे पर विश्वास न टूटे!

बाबा तेरी महिमा अपरम्पार बाबा पार लगाओ
जीवन के इस सत्य के आगे सबको तुम झूटला दो
प्रभु जी मोहे पार लगादो साईं
जीवन की सच्ची राह दिखाओ प्रभु
जीवन को सफल बनाने में मंजिल को पाने में
चहुँ ओर ख़ुशी बरसाने में मेरी मदद करो भगवान
हम आस लगाए बैठे हैं प्रभु दर्शन दे दो आज

तेरी महिमा अपरम्पार हैं बाबा पार लगाओ!!

सोमवार, 27 मार्च 2017

मेरे साईं राम

साईं राम साईं राम साईं राम कहिये
मेरे श्याम मेरे राम साईं राम कहिये
साईं-राम, साईं राम सुबहो शाम जपिए 
मेरे राम, तेरा नाम जग सारा जपता
मेरा मन हर पल पुकारे साईं राम
साईं राम साईं राम साईं राम कहिये
मेरे श्याम मेरे राम साईं राम कहिये
मुरली मनोहर श्यामा श्याम श्याम कहिये
साईं राम साईं राम राम राम कहिये
शिर्डी साईं, सत्य साईं साईं राम राम कहिये

मेरे श्याम मेरे राम साईं राम कहिये!!

रविवार, 26 मार्च 2017

भक्ति भावना

गौर छंटा के श्याम घटा के दृश्य मनोहर हैं
चपल चंचला तुम पर मेरे प्राण न्योछावर हैं
भारत माता तुम पर मेरी जान न्योछावर हैं
माँ लक्ष्मी के रूप अनेक
हर रूप दया और करुणा के
सागर की भाँती हैं!

गौर छंटा के श्याम घटा के दृश्य मनोहर हैं
चपल चंचला तुम पर मेरे प्रण न्योछावर हैं 
तुम करुणा की सागार हो माँ
दया धर्म की सागार हो माँ
तेरी चरणों में वर्षो से विनती
करती आई हूँ माँ
मेरी आँचल भर दो माँ
खुशियों के सागर से
मेरे अंदर वो ममता दो
जो बाँट सकूँ मैं सब पर
अपना-गैर भूलकर के माँ
सेवा सबकी करूँ
गौर छंटा के श्याम घटा के दृश्य मनोहर हैं
चपल चंचला तुम पर मेरे प्रण न्योछावर हैं!!

शुक्रवार, 24 मार्च 2017

अंतर्मन

वाह रे नारी तेरी कथा भी कितनी न्यारी
तेरे जन्म पे न ढोल बजे न नगाड़े
अपनों के चेहरे पर मुस्कुराहट
बड़ी मुश्किल से आई
कही कोई देख न ले कि
बेटी के जन्म पर माँ खुश हैं
कही कोई सास को ताने न मार दे
तेरी बहु कैसी है आई!

वाह रे नारी तेरी कथा भी कितनी न्यारी
घर के आँगन में चहकती चिड़ियों
की तरह रहती हरदम
नर की तो छोड़ो नारियों के
दिल में भी जगह बना न पायी अपने लिए
खुशियाँ बाँटती है सबके लिए
पर अपने हिस्से आती हैं झोली खाली!

वाह रे नारी तेरी कथा भी कितनी न्यारी
खुशियों के सागर में भी
प्यासी ही रहना तेरा नसीब
चांदनी रात में मन में छाया हैं अँधेरा
चंद नारियां ही अपना इतिहास लिख पाती हैं
ऐसा दिन कब आएगा जब हर नारी
अपना अनोखा इतिहास बनाएगी
अपने परिवार में अपनी जगह

सबको बतलाएगी!!

गुरुवार, 23 मार्च 2017

होली

सजन रे होली आई
उड़ते रंग गुलाल देख
अब मन में मस्ती छाई
गूंज रहे हैं कानो में
होली के गीत हज़ार
मन नाच रहा हैं मेरा
क्षण भर गा लूं उन गीतों को
दुखमय जीवन को बहला लूं
खुद को फाग के साथ भुला दूं!

साजन रे होली आई
मन के घावों पर रंग लगा दूं
तन को रंगों से भर दूं
जीवन रंगीन बना दूं
उड़ते रंग गुलाल देख
अब मन में मस्ती छाई!

साजन रे होली आई
उड़ते रंग गुलाल देख
अब मन में मस्ती छाई
गाँव शहर और गली मुहल्लें
सब रंगों के रंग में रंग गए
भूल बिसर कर बैर-भाव सब
गले मिल गए सब हंसी ख़ुशी!!