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बुधवार, 3 जून 2020

साई कृपा

महिमा अपरमपार है साई
जीवन के आधार है साई
हर दिल की धरकन में बसते
जीवन के कण-कण में बसते
लघू अनन्त और दिगदिगंत में
करूण-क्रन्द और प्रेम-विरह में
धरती-वायु और गगन में।


 महिमा अपरमपार है साई
जीवन के आधार है साई
हर मुस्किल में राह दिखाते
नैया अपनी पार लगातें
जीने का जीवट दे जातें।

महिमा अपरमपार है साई
जीवन के आधार है साई
शब्द नहीं है प्रेम की वाणी
प्रेम नयण से झांक रहे है
प्रेम के तार बंधे साई से
ममतामय संसार हुआ है

महिमा अपरमपार है साई
जीवन के आधार है साई
आप हमारे दिल में बसते
दिल से दिल के तार मिले है
जीवन के आधार मिले है
घोर निराशा की आंधी में
जीवन के संचार मिले हैं।

महिमा अपरमपार है साई
जीवन के आधार है साई
हर दिल की धरकन में बसते
इस जग के आधार तुम्ही हो।।

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