यह ब्लॉग खोजें

Translate

विशिष्ट पोस्ट

जीना सीखा

तील-तील जलकर जीना सीखा  अपनों से कुछ कहना सीखा  हँसना सीखा, रोना सीखा  हर गम को अब पीना सीखा  धूप - छाँव को सहना सीखा  नरम - गरम और ऊंच - नी...

मंगलवार, 30 जून 2020

बेटियाँ

 
 
उजड़े हुए चमन बसाती है बेटियाँ 
जीवन का हर सार सिखाती है बेटियाँ 
मुरझाये चेहरों पर मुस्कान ले आती है बेटियाँ 
माँ -बाप  के दिलों में बस जाती है बेटियाँ
हर सुने आँखों में ख्वाब दे जाती है बेटियाँ 
बेटियाँ सृजन है श्रृंगार है प्रकृति की 
सरस्वती के बीणा की तार है बेटियाँ 
हर घर में गूंजती हुई संगीत है बेटियाँ 
हर घर में प्रेम की बरसात है बेटियाँ 
माँ - बाप के अरमानों की ताज है बेटियाँ 






कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें