मेरी कविता, मेरी अभिव्यक्ति
मैं हमेशा एक पहेली थी अब भी हूँ आगे भी रहूंगी मुश्किल है समझ पाना मुझे जो भी मिला उसके साथ हो लिए जो छूट गया पीछे उस पर रोये नहीं कभी ज...
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