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पहेली

मैं हमेशा एक पहेली थी  अब भी हूँ आगे भी रहूंगी  मुश्किल है समझ पाना मुझे  जो भी मिला उसके साथ हो लिए  जो छूट गया पीछे उस पर रोये नहीं कभी  ज...

गुरुवार, 4 मई 2017

ईश्वर

“तुम मुझे देख नहीं सकते हो,
      पर मैं वह ज्योति हूँ जिसके द्वारा तुम देखते हो.
तुम मुझे सुन नहीं सकते हो,
      पर मैं वह ध्वनि हूं जिसके द्वारा तुम सुनते हो.
तुम मुझे जान नहीं सकते हो,
      पर मैं वह सत्य हूँ जिसके द्वारा तुम जीते हो.”


-    सत्य साईबाबा 

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